तेरे डमरू की धुन सुनके,मैं काशी नगरी आई हूँ,मे...
प्रभु अपने दर से, अब तो ना टालो,गिरा जा रहा हूँ, ...
आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरार...
भोले गिरिजा पति हूँ तुम्हारी शरण, भँवर में न...
जगदम्बा घर में दियरा बार अइनी हेजगतारण घर म...
पग घुंघरू बाँध मीरा नाची रे,मैं तो अपने नाराय...
रामा रामा रटते रटते,बीती रे उमरिया ।रघुकुल नं...
सुख के सब साथी, दुःख में ना कोई मेरे राम,मेरे र...
हे रोम रोम मे बसने वाले राम,जगत के स्वामी, हे अ...
भज मन राम चरण सुखदाई जिहि चरननसे निकसी सुरसर...
